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Monday, February 25, 2019

गंध

मृदगंध हा, स्मृतिगंध हा की मनीचा खेळ हा
घेऊ उरात भरुनी की साठवू डोळे मिटुनी
कधी लागेल मेळ हा...©

Saturday, February 16, 2019

एक एहसास

एक एहसास तेरा, जब हवा की लहर छु जाती है ।
एक एहसास तेरा, जब बारिश की बुंदे  तन से लिपट जाती है ।
हर एक बात, हर एक लम्हा यही एहसास दिलाता है ।
यही है वो जिंदगी जो ख्वाब बनकर रह जाती है ..।
न जाने कितने मुसाफिरों के लिये...
दिनेश